UP Board Marksheet 2026: यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 12 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी हैं और अब करीब 55 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिजल्ट की बात करें तो मूल्यांकन कार्य 4 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद बोर्ड को रिजल्ट तैयार करने में करीब 20 दिन का वक्त लगेगा यानी अप्रैल के आखिर तक नतीजे आ सकते हैं। रिजल्ट से पहले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानी UPMSP ने मार्कशीट को लेकर एक अहम जानकारी दी है। इस बार की मार्कशीट में 16 तरह के सिक्योरिटी फीचर होंगे और यह नॉन-टीयरेबल होगी यानी न फटेगी और न गलेगी। फर्जी मार्कशीट बनाने वालों पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए यह बड़े बदलाव किए गए हैं। पहले कई बार ऐसी शिकायतें सामने आई थीं जिनमें मार्कशीट से छेड़छाड़ कर नौकरी या एडमिशन लिया गया था। इस बार ऐसी किसी भी कोशिश की गुंजाइश नहीं रखी गई है।
नई मार्कशीट को फाड़ना या गलाना अब नामुमकिन
इस बार की मार्कशीट नॉन-टीयरेबल होगी यानी इसे हाथ से फाड़ा नहीं जा सकेगा। साथ ही यह पूरी तरह वाटरप्रूफ होगी, पानी में भीगने पर भी खराब नहीं होगी। मार्कशीट नॉन-डिग्रेडेबल मटेरियल से तैयार होगी और यह पूरी तरह ओवरराइटिंग प्रूफ भी होगी। यानी कोई भी इस पर नाम, नंबर या कोई और जानकारी नहीं बदल सकेगा। गौरतलब है कि पहले ऐसी शिकायतें कई बार सामने आई थीं कि मार्कशीट से छेड़छाड़ कर नौकरी या एडमिशन लिया गया। इस बार ऐसी किसी भी कोशिश की गुंजाइश नहीं रखी गई है।
16 सिक्योरिटी फीचर में कुछ दिखेंगे, कुछ छुपे रहेंगे
नई मार्कशीट में कुल 16 सिक्योरिटी फीचर दिए जाएंगे। इनमें से कुछ खुली आंखों से देखे जा सकते हैं, कुछ UV रेज से और कुछ लेंस की मदद से ही पहचाने जा सकेंगे। बता दें कि पहले फर्जी मार्कशीट के कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें स्टूडेंट्स ने नौकरी और कॉलेज एडमिशन तक हासिल कर लिया था। इन सभी फीचर की वजह से अब कोई नकली मार्कशीट तैयार नहीं कर सकेगा। मार्कशीट में जो मुख्य सिक्योरिटी फीचर दिए जाएंगे वो इस तरह हैं:
- होलोग्राम सुरक्षा, सिक्योरिटी कोडिंग, वाटरमार्क, रेनबो प्रिंट, UV रेज से दिखने वाले फीचर
- लेंस से पहचाने जाने वाले फीचर, ओवरराइटिंग प्रूफ लेयर, नॉन-डिग्रेडेबल मटेरियल और अन्य एंटी-टैम्पर तकनीक
साइज बदला अब A-4 में मिलेगी मार्कशीट
इस बार मार्कशीट का साइज A-4 होगा और पहले की तुलना में यह थोड़ी लंबी होगी। इससे स्टूडेंट का नाम, विषय, अंक और रोल नंबर सब कुछ साफ और व्यवस्थित तरीके से दर्ज होगा। बता दें कि पहले मार्कशीट छोटी होने की वजह से कुछ जानकारी ठीक से दर्ज नहीं हो पाती थी। नया साइज होने से मार्कशीट ज्यादा प्रोफेशनल और पढ़ने में आसान लगेगी। सरकारी नौकरी या कॉलेज में दाखिले के वक्त जब मार्कशीट जमा करनी होती है तो साफ और बड़े फॉर्मेट में दी गई जानकारी काफी काम आती है।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
वाटरमार्क और रेनबो प्रिंट की वजह से नई मार्कशीट की विशिष्ट पहचान होगी और कोई भी फोटोकॉपी या प्रिंटआउट से इसे नकल नहीं कर सकेगा। सिक्योरिटी कोडिंग हर मार्कशीट को अलग बनाती है जिससे जरूरत पड़ने पर बोर्ड अपने रिकॉर्ड से उसे तुरंत वेरिफाई कर सकता है। पहले फर्जी मार्कशीट के मामलों में यही दिक्कत आती थी कि जांच में वक्त लगता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। नियोक्ता और कॉलेज भी इन फीचर की मदद से मार्कशीट की सच्चाई खुद परख सकेंगे।
कितने स्टूडेंट्स ने दी परीक्षा
इस बार यूपी बोर्ड में 10वीं यानी हाई स्कूल के लिए 27,61,696 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि 12वीं यानी इंटरमीडिएट के लिए 25,76,082 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया। इस तरह कुल मिलाकर 53 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स इस बार बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए। हालांकि करीब 2.87 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में अनुपस्थित भी रहे। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा होने की वजह से मार्कशीट की सुरक्षा और विश्वसनीयता दोनों और भी जरूरी हो जाती है।
यूपी बोर्ड रिजल्ट कब तक आ सकता है
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह के मुताबिक 3 करोड़ से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 4 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है। मूल्यांकन कार्य 18 मार्च को शुरू हुआ था। जांच पूरी होने के बाद बोर्ड को रिजल्ट तैयार करने में करीब 20 दिन का वक्त लगेगा। इस काम में राज्यभर में सात निजी कंपनियां डेटा फीडिंग और संबंधित कामों में लगी हैं। मूल्यांकन के बाद हर अवार्ड ब्लैंक मार्किंग सेंटर से बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों में भेजा जाता है, जहां से निजी एजेंसियां रोल नंबर के हिसाब से OMR स्कैनिंग और डेटा एंट्री करती हैं। डेटा फीडिंग पूरी होने के बाद सटीकता की जांच के लिए डेटा वापस क्षेत्रीय कार्यालयों में आता है। बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है और प्रति स्टूडेंट ₹2.76 की दर से निजी कंपनियों को कुल करीब ₹1.5 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। इस हिसाब से रिजल्ट अप्रैल के आखिर तक आने की पूरी संभावना है।







